शुक्रवार, 8 मई 2026

गीता समागम अध्याय 4 श्लोक 36

यदि सब पापियों से अधिक पापी तुम अपने आप को समझ पाओ तो ज्ञान रूपी देने पर सवार होकर पाप समुद्र से पार हो जाओगे

देख खुद को गौर से
 कपट भीतर कितना
 यही ज्ञान मुक्ति दे 
 मुक्ति माने देखना